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हारà¥à¤Ÿ अटैक के खतरे को दूर करती है अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़ की छाल
अरà¥à¤œà¥à¤¨ का पेड़ आपके आस-पास की कई जगहों पर दिख सकता है लेकिन बहà¥à¤¤ लोगों को इसके औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में जानकारी नहीं है। दिल के रोगों को दूर करने के लिठइसका आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है।
हृदय रोग (Heart Disease) गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² सà¥à¤¤à¤° पर मौत का à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है। आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, हर साल अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ 17.9 मिलियन लोगों की जान दिल की बीमारी के कारण जाती है। संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में हृदय रोग से हर 36 सेकंड में à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की सांस थम जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में हर साल लगà¤à¤— 655,000 अमेरिकी हृदय रोग से मरते हैं यानी हर 4 में से 1 की मौत। कोरोना काल में à¤à¥€ न जाने कितने ही लोगों की मौत हारà¥à¤Ÿ अटैक से हà¥à¤ˆ हैं। à¤à¤¸à¥‡ में हमें अपने दिल की सेहत का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है। तमाम लोग इस बीमारी के इलाज पर लाखों रà¥à¤ªà¤ खरà¥à¤šà¤¤à¥‡ हैं लेकिन इसके शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का पता चल जाठतो हम इसके खतरे को घरेलू तरीकों के जरिठà¤à¥€ रोक सकते हैं।यहां हम आपको दिल की बीमारी के जोखिम को टालने के लिठà¤à¤• आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ का अचूक नà¥à¤¸à¥à¤–ा बता रहे हैं। दरअसल, यहां हम अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़ के बारे में बात कर रहे हैं जिसकी छाल (Arjun barks) का आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में बड़े पैमाने पर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है। खासतौर से दिल की सेहत के लिठइस पेड़ का बहà¥à¤¤ योगदान है। इसके फायदों के बारे में हमने आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बातचीत की है। आइà¤, जानते हैं हमें किस तरह से लाठपहà¥à¤‚चाता है अरà¥à¤œà¤¨ का पेड़।
​दिल की बीमारी के जोखिम को कम करती है अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल
अरà¥à¤œà¥à¤¨ का पेड़ जिसे अरà¥à¤œà¥à¤¨à¤¾à¤°à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥€ कहा जाता है और इसका पारंपरिक रूप से आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ में बड़े पैमाने पर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है। बेंगलà¥à¤°à¥ के जीवोतà¥à¤¤à¤® आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ केंदà¥à¤° के वैदà¥à¤¯ डॉ. शरद कà¥à¤²à¤•रà¥à¤£à¥€ M.S (Ayu),(Ph.D.) ने बताया कि मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से इस पेड़ की छाल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— दिल के रोगों की दवा बनाने में किया जाता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठइस पेड़ की छाल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— बहà¥à¤¤ फायदेमंद है।
​कैसे करें अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
डॉ. शरद कà¥à¤²à¤•रà¥à¤£à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, आप अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़ की छाल का पाउडर बनाकर इसे पानी या दूध के साथ पी सकते हैं। आप चाहें तो पानी में पेड़ की छाल को उबाल लें और फिर इसे छानकर पीà¤à¤‚। इसके अतिरिकà¥à¤¤ आप इसके पाउडर को दूध में मिलाकर à¤à¥€ पी सकते हैं। अरà¥à¤œà¥à¤¨ का पेड़ आमतौर पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हर जगह उपलबà¥à¤§ है लेकिन संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में कà¥à¤› हरà¥à¤¬à¤² सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‹à¤‚ में पाया जा सकता है या ऑनलाइन खरीदा जा सकता है।
​हाई BP और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करती है छाल
पशॠअनà¥à¤¸à¤‚धान दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठशोध से पता चला है कि इसकी छाल के जरिठकोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤², टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤—à¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ (triglyceride) और रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के सà¥à¤¤à¤° (blood pressure levels) कम किया जा सकता है। जानकारी के लिठबता दें कि ये तीनों ही हृदय रोग के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ फैकà¥à¤Ÿà¤° हैं।
चूहों पर किठà¤à¤• शोध में पता चला है कि इस पेड़ की छाल उचà¥à¤š रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा (blood sugar) के सà¥à¤¤à¤° को à¤à¥€ कम करने में कारगर है।
वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, इसी तरह मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से पीड़ित चूहों पर किठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 15 दिनों तक अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल का अरà¥à¤• खिलाया गया और बाद में देखा तो उनके रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤° में काफी कमी आई।
कम हो जाता ​कैंसर का जोखिम
कà¥à¤› à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का यह à¤à¥€ मानना है कि इसके अरà¥à¤• से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। जानवरों और टेसà¥à¤Ÿ-टà¥à¤¯à¥‚ब अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चलता है कि अरà¥à¤œà¥à¤¨à¤¾à¤°à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ के कà¥à¤› अवयवों में कैंसर विरोधी गà¥à¤£ हो सकते हैं। हालांकि, फिलहाल इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में मानव अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
​असà¥à¤¥à¤®à¤¾ को रोकने में मददगार
जानकारों की मानें तो इसमें असà¥à¤¥à¤®à¤¾ विरोधी गà¥à¤£ (anti-asthmatic properties) à¤à¥€ हो सकते हैं। पशॠअनà¥à¤¸à¤‚धान से पता चलता है कि मिशà¥à¤°à¤£ के कà¥à¤› अवयवों में असà¥à¤¥à¤®à¤¾ विरोधी गà¥à¤£ हो सकते हैं जो रोगी के शरीर में होने वाली फेफड़ों की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। फिर à¤à¥€ इस पर अà¤à¥€ और शोध करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
​यूरिन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से राहत
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• डॉ. के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, इसकी छाल के सेवन से यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ दूर किया जा सकता है। यूरीन की रà¥à¤•ावट दूर करने में अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल का दूध या काढ़ा फायदेमंद है। साथ ही अगर आपको यूरिन का मारà¥à¤— में किसी तरह का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है तब à¤à¥€ ये फायदेमंद है। इसके लिठछाल को पीसकर दो कप पानी में उबालें जब जब पानी आधा रह जाठतो इसे ठंडा होने के बाद पिà¤à¤‚।
​खांसी और वजन कम करने में à¤à¥€ मददगार
गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ में इस पेड़ की छाल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— खांसी को दूर करने के लिठआज à¤à¥€ किया जाता है। ये नà¥à¤¸à¥à¤–ा à¤à¤• हजार साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ है। अगर आप खांसी से परेशान हैं तो अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़ छाल या इससे बने पाउडर को दूध में मिलाकर पीà¤à¤‚ और तà¥à¤°à¤‚त राहत पाà¤à¤‚। इसके अतिरिकà¥à¤¤ इसके ये वजन कम करने में à¤à¥€ मददगार है।
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